हिंदी उपन्यास भारतीय साहित्य की वह धारा है जिसमें जीवन, समाज, राजनीति, प्रेम, संघर्ष, दर्शन और मानवीय संवेदनाओं को विस्तृत कथा-रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
जो पाठक “Hindi-Upanyas”, “उपन्यास”, “Novels in Hindi” या “हिंदी साहित्य के उपन्यास” खोजते हैं, वे इसी परंपरा से जुड़ते हैं।
इस पृष्ठ पर भारत और विश्व के महानतम लेखकों के उपन्यास एक ही स्थान पर संकलित किए गए हैं।
हिंदी उपन्यास का इतिहास
हिंदी उपन्यास की शुरुआत उन्नीसवीं शताब्दी में हुई।
पहला आधुनिक हिंदी उपन्यास माना जाता है – “परीक्षा गुरु” – लाला श्रीनिवास दास
इसके बाद प्रेमचंद, शरतचंद्र, बंकिमचंद्र, निराला, जयशंकर प्रसाद, भगवतीचरण वर्मा आदि लेखकों ने इस विधा को विश्वस्तरीय बनाया।
मुंशी प्रेमचंद के उपन्यास
प्रेमचंद हिंदी उपन्यास को सामाजिक चेतना देने वाले सबसे बड़े लेखक हैं।
प्रमुख उपन्यास:
- गोदान
- गबन
- निर्मला
- प्रेमाश्रम
- सेवासदन
- रंगभूमि
- कर्मभूमि
- वरदान
- प्रतिज्ञा
- कायाकल्प
- दुर्गादास
- मंगलसूत्र
- हमखुर्मा व हमसवाब
- रूठी रानी
- रामचर्चा
- मनोरमा
- प्रेमा
शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास
शरतचंद्र स्त्री-मन और भावनात्मक समाज के महान चित्रकार हैं।
- देवदास
- परिणीता
- बड़ी दीदी
- मंझली दीदी
- बिराज बहू
- पथ के दावेदार
- ब्राह्मण की बेटी
- श्रीकांत
- चरित्रहीन
- गृहदाह
- शेष प्रश्न
बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय
- आनंदमठ
- दुर्गेशनंदिनी
- कपाल कुंडला
जयशंकर प्रसाद
- कंकाल
- तितली
- इरावती
देवकीनंदन खत्री (रहस्य और तिलिस्म के उपन्यास)
- चंद्रकांता
- चंद्रकांता संतति
- काजर की कोठरी
- कटोरा भर खून
- भूतनाथ
- कुसुम कुमारी
आधुनिक हिंदी उपन्यासकार
धर्मवीर भारती
- गुनाहों का देवता
- सूरज का सातवाँ घोड़ा
भीष्म साहनी
- तमस
कमलेश्वर
- कितने पाकिस्तान
मन्नू भंडारी
- आपका बंटी
- महाभोज
कृष्णा सोबती
- मित्रो मरजानी
- बादलों के घेरे
विश्व प्रसिद्ध उपन्यास – हिंदी में
रूसी साहित्य
- अपराध और दंड – फ़्योदोर दोस्तोयेव्स्की
- माँ – मैक्सिम गोर्की
- अन्ना कैरेनिना – लेव तोलस्तोय
- कप्तान की बेटी – पुश्किन
अंग्रेज़ी साहित्य
- ओलिवर ट्विस्ट – चार्ल्स डिकेंस
- रॉबिन्सन क्रूसो – डैनियल डीफ़ो
- टॉम सॉयर – मार्क ट्वेन
- बूढ़ा आदमी और समुद्र – अर्नेस्ट हेमिंग्वे
- एनिमल फार्म – जॉर्ज ऑरवेल
- 1984 – जॉर्ज ऑरवेल
फ्रेंच साहित्य
- प्लेग – अल्बैर कामू
- अहंकार (थायस) – अनातोल फ्रांस
भारतीय भाषाओं से हिंदी में अनूदित उपन्यास
- नीलकंठी ब्रज – इंदिरा गोस्वामी
- छिन्नमस्ता – इंदिरा गोस्वामी
- माधवी – लमाबम कमल सिंह
- छै बीघा जमीन – फकीर मोहन सेनापति
- आँख की किरकिरी – रवींद्रनाथ टैगोर
हिंदी उपन्यास क्यों पढ़ें?
- जीवन की सच्चाई दिखाते हैं
- समाज की समस्याएँ समझाते हैं
- मनुष्य के भीतर झाँकने का अवसर देते हैं
- सोचने की शक्ति विकसित करते हैं
