चिड़ियें, जानवर और बढ़ई – अलिफ़ लैला की कहानी (Chidiyen Janwar Aur Badhayi)

चिड़ियें, जानवर और बढ़ई – अलिफ़ लैला की कहानी (Chidiyen Janwar Aur Badhayi)

बहुत समय पहले की बात है। समुद्र के किनारे एक सुंदर सा जंगल था। उसी जगह एक मोर और उसकी पत्नी मोरनी रहते थे। वहाँ बहुत सारे जंगली जानवर रहते थे, इसलिए वे दिन में कम और रात में ज्यादा बाहर निकलते थे। रात को वे खाने की तलाश करते और फिर किसी ऊँचे पेड़ पर जाकर सो जाते थे।

लेकिन धीरे-धीरे उनका डर बढ़ने लगा। उन्हें लगा कि यहाँ रहना सुरक्षित नहीं है। इसलिए एक दिन उन्होंने नई जगह ढूँढने का फैसला किया।

नया टापू और नई शुरुआत

कुछ दिनों तक खोजने के बाद उन्हें समुद्र के बीच एक टापू मिला। वहाँ छोटे-छोटे नाले थे, बहुत सारे फलदार पेड़ थे और जगह काफी शांत थी। दोनों ने वहीं रहने का फैसला किया।

कुछ समय बाद एक दिन उस पेड़ के नीचे एक बतख आकर रहने लगी। मोर और मोरनी ने उससे पूछा —
“तुम यहाँ क्यों आई हो?”

बतख डरते हुए बोली —
“मैं आदमी से बहुत डरती हूँ।”

मोर ने उसे समझाया —
“डर मत। हम यहाँ हैं, तुम्हारी रक्षा करेंगे।”

आदमी का डर क्यों?

बतख बोली —
“एक रात मैंने एक आवाज सुनी थी। उसने कहा था कि आदमी बहुत चालाक और ताकतवर होता है। वह मछली पकड़ सकता है, चिड़ियों को मार सकता है और बड़े जानवरों को भी जाल में फंसा सकता है।”

यह सुनकर मोरनी थोड़ी सोच में पड़ गई, लेकिन उसने बतख को शांत किया।

बतख की मुलाकात शेर के बच्चे से

बतख ने आगे बताया —
“एक दिन मैं पहाड़ पर गई। वहाँ मुझे एक शेर का बच्चा मिला। उसने भी आदमी के बारे में डरावनी बातें सुनी थीं।”

बतख ने शेर के बच्चे से कहा —
“तुम जानवरों के राजा हो। तुम आदमी को हरा सकते हो। मेरी रक्षा करो।”

शेर का बच्चा बहुत बहादुर था। उसने फैसला किया कि वह आदमी का सामना करेगा।

रास्ते में मिले दूसरे जानवर

रास्ते में उन्हें एक गधा मिला। गधे ने बताया कि वह आदमी से इसलिए डरता है क्योंकि आदमी उसे पकड़कर उससे भारी काम करवाता है।

फिर उन्हें एक घोड़ा मिला। उसने भी यही बात कही —
आदमी जानवरों को पकड़कर उनसे काम करवाता है और बूढ़ा होने पर छोड़ देता है।

फिर उन्हें एक ऊँट मिला। उसने बताया कि आदमी उसकी नाक में रस्सी डालकर उसे अपने हिसाब से चलाता है।

यह सब सुनकर शेर का बच्चा गुस्से में आ गया। उसने तय किया कि वह आदमी से जरूर लड़ेगा।

बढ़ई का आना

तभी वहाँ एक आदमी आया। वह एक बढ़ई था। उसके पास लकड़ी के तख्ते और औजार थे।

वह बहुत चालाक था। उसने शेर के बच्चे को मीठी-मीठी बातें करके बेवकूफ बना दिया।

उसने कहा —
“मैं तुम्हारे लिए एक मजबूत घर बना सकता हूँ।”

चालाकी से जाल

बढ़ई ने लकड़ी का एक बड़ा बक्सा बनाया। उसने शेर के बच्चे से कहा —
“तुम अंदर जाओ, मैं तुम्हारे हिसाब से घर बनाऊँगा।”

शेर का बच्चा खुश होकर अंदर चला गया। बढ़ई ने तुरंत ढक्कन बंद कर दिया और कील ठोक दी।

अब शेर का बच्चा फंस चुका था।

दुखद अंत

बढ़ई ने उस बक्से को गड्ढे में डाल दिया और आग लगा दी। शेर का बच्चा मर गया।

बतख यह सब देखकर डर गई।

आगे क्या हुआ

कुछ समय बाद एक जहाज उस टापू पर आ गया। जहाज के लोग बतख को पकड़कर ले गए।

मोरनी और हिरन दुखी हो गए लेकिन वे कुछ नहीं कर पाए।

बाद में उन्होंने शांत जीवन जीना शुरू किया।

कहानी से सीख

  • दुश्मन हमेशा ताकतवर नहीं, चालाक भी हो सकता है
  • मीठी बातों में जल्दी भरोसा नहीं करना चाहिए
  • बिना सोचे किसी से लड़ने नहीं जाना चाहिए
  • समझदारी सबसे बड़ी ताकत है

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