इस्लाम में इल्म (ज्ञान) को बहुत ऊँचा दर्जा दिया गया है। इस्लाम सिर्फ इबादत का ही मजहब नहीं है, बल्कि यह सीखने, समझने और सोचने का भी मजहब है। कुरआन और हदीस दोनों में इल्म हासिल करने पर बहुत जोर दिया गया है।
अल्लाह तआला ने इंसान को अक्ल दी है ताकि वह सही और गलत में फर्क समझ सके। इल्म इंसान को अंधेरे से निकालकर रोशनी की तरफ ले जाता है। जिस इंसान के पास इल्म होता है, वह खुद भी सही रास्ते पर चलता है और दूसरों को भी सही रास्ता दिखाता है।
इस्लाम में इल्म की अहमियत
इस्लाम में इल्म हासिल करना सिर्फ अच्छा काम नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी भी है।
हजरत मोहम्मद ﷺ ने फरमाया:
👉 “इल्म हासिल करना हर मुसलमान पर फर्ज है।”
(मफ़हूम हदीस)
इसका मतलब यह है कि हर मुसलमान — चाहे मर्द हो या औरत — उसे इल्म सीखना जरूरी है।
कुरआन में इल्म की फजीलत
अल्लाह तआला कुरआन में फरमाते हैं:
👉 अल्लाह उन लोगों के दर्जे बुलंद करता है जो ईमान लाए और जिन्होंने इल्म हासिल किया।
(सूरह अल मुजादिला 58:11)
इससे पता चलता है कि इल्म इंसान का दर्जा दुनिया और आख़िरत दोनों में ऊँचा करता है।
﴿يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا إِذَا قِيلَ لَكُمْ تَفَسَّحُوا فِي الْمَجَالِسِ فَافْسَحُوا يَفْسَحِ اللَّهُ لَكُمْ ۖ وَإِذَا قِيلَ انشُزُوا فَانشُزُوا يَرْفَعِ اللَّهُ الَّذِينَ آمَنُوا مِنكُمْ وَالَّذِينَ أُوتُوا الْعِلْمَ دَرَجَاتٍ ۚ وَاللَّهُ بِمَا تَعْمَلُونَ خَبِيرٌ﴾
(सूरह अल मुजादिला 58:11)

इल्म हासिल करने की कोशिश का इनाम
हदीस में आता है:
👉 जो इल्म की तलाश में रास्ता चलता है, अल्लाह उसके लिए जन्नत का रास्ता आसान कर देता है।
इसका मतलब है कि अगर इंसान सच्चे दिल से इल्म सीखने निकलता है, तो अल्लाह उसकी मदद करता है।
इल्म और इबादत का रिश्ता
हजरत मोहम्मद ﷺ ने फरमाया:
👉 इल्म सीखने और सिखाने का एक पल, पूरी रात की इबादत से बेहतर है।
क्योंकि इल्म से इंसान सही तरीके से इबादत करना सीखता है।
इल्म सिखाना भी बड़ा सवाब है
हदीस में है:
👉 सबसे बेहतरीन सदका यह है कि इंसान इल्म सीखे और फिर दूसरों को सिखाए।
अगर कोई इंसान दूसरों को अच्छा ज्ञान देता है, तो उसे लगातार सवाब मिलता रहता है।
इल्म की राह में मेहनत का इनाम
हदीस में आता है:
👉 जो इल्म की तलाश में चलता है, अल्लाह उसके गुनाह माफ कर देता है।
👉 इल्म की तलाश में जिसके कदम धूल से भर जाएँ, अल्लाह उस पर रहमत करता है।
इल्म और जन्नत का रिश्ता
हदीस में आता है:
👉 जन्नत का रास्ता इल्म से होकर जाता है।
👉 जो इंसान इल्म हासिल करते हुए मर जाए, उसका दर्जा जन्नत में बहुत ऊँचा होगा।
हमें इल्म क्यों सीखना चाहिए
इल्म हमें:
✔ सही रास्ता दिखाता है
✔ अच्छे और बुरे में फर्क सिखाता है
✔ समाज में इज्जत दिलाता है
✔ अल्लाह के करीब करता है
आज के समय में इल्म की जरूरत
आज के दौर में सिर्फ दीन का इल्म ही नहीं बल्कि दुनिया का इल्म भी जरूरी है।
अगर मुसलमान दीन और दुनिया दोनों का इल्म हासिल करेगा तो वह खुद भी आगे बढ़ेगा और समाज को भी आगे बढ़ाएगा।
निष्कर्ष
इल्म इस्लाम की बहुत बड़ी नेमत है। हर मुसलमान को चाहिए कि वह इल्म हासिल करे और दूसरों तक भी पहुँचाए।
अल्लाह तआला हमें इल्म सीखने, समझने और उस पर अमल करने की तौफीक दे।
आमीन 🤲
