मुंशी प्रेमचंद हिंदी-उर्दू साहित्य के महान स्तंभ थे। उनकी रचनाएँ भारतीय समाज, ग्रामीण जीवन, नारी पीड़ा, नैतिकता और यथार्थवाद को गहराई से प्रस्तुत करती हैं। इस पेज पर आप Premchand ke Upanyas, नाटक और गद्य रचनाएँ सभी प्रमुख कृतियाँ एक साथ पढ़ सकते हैं।
मुंशी प्रेमचंद – उपन्यास
- गोदान
- गबन
- निर्मला
- प्रेमा
- रंगभूमि
- कर्मभूमि
- वरदान
- प्रतिज्ञा
- अलंकार
- कायाकल्प
- दुर्गादास
- मंगलसूत्र
- हमखुर्मा व हमसवाब
- रामचर्चा
- सेवासदन
- प्रेमाश्रम
- रूठी रानी
- मनोरमा
जीवनी एवं अनूदित कृतियाँ
- शेख़ सादी (जीवनी)
- अहंकार (थायस – अनातोल फ्रांस) – अनुवादक: प्रेमचंद
- सुखदास (साइलस मारनर – जॉर्ज इलियट) – अनुवादक: प्रेमचंद
- आज़ाद कथा (रतननाथ सरशार) – अनुवादक: प्रेमचंद
- पिता के पत्र पुत्री के नाम (जवाहरलाल नेहरू) – अनुवादक: प्रेमचंद
मुंशी प्रेमचंद – नाटक
- सृष्टि
- संग्राम
- प्रेम की वेदी
- भूमिका और कथानक – कर्बला
- कर्बला
- दुराशा (प्रहसन)
- न्याय (जॉन गाल्सवर्दी) – अनुवादक: प्रेमचंद
- चाँदी की डिबिया (जॉन गाल्सवर्दी) – अनुवादक: प्रेमचंद
- हड़ताल (जॉन गाल्सवर्दी) – अनुवादक: प्रेमचंद
मुंशी प्रेमचंद – गद्य रचनाएँ
- साहित्य का उद्देश्य
- जीवन में साहित्य का स्थान
- साहित्य का आधार
- कहानी कला (1)
- जीवन सार
- घृणा का स्थान
- अंधा पूँजीवाद
- बातचीत करने की कला
- जॉन ऑफ आर्क
- शहीद-ए-आज़म
- इत्तिहाद (इत्तिफाक) ताकत है
- अहदे अकबर में हिन्दुस्तान की हालत
- आबशारे न्याग्रा
- कलामे सुरूर
- कलामे अकबर पर एक नज़र
- शरर और सरशार
- गालियाँ
- दुखी जीवन
- मानसिक पराधीनता
- उपन्यास रचना
- उपन्यास
- उपन्यास के विषय
- ज़ुलेखा
- मजनूँ
- हिंदी-उर्दू की एकता
- मेरी पहली रचना
- राष्ट्रवाद
