लालच, सिद्धि और मौत का खेल: कर्ण पिशाचनी की खौफनाक कहानी

लालच, सिद्धि और मौत का खेल: कर्ण पिशाचनी की खौफनाक कहानी

राजस्थान के एक छोटे से जिले में एक मशहूर कॉलेज था। उसी कॉलेज में तीन दोस्त पढ़ते थे — कपिल, विनीत और दक्ष। तीनों हमेशा साथ रहते थे, साथ घूमते थे और हर काम साथ करते थे।

लेकिन इस दोस्ती के पीछे एक सच्चाई छुपी थी…
दक्ष अंदर ही अंदर जलता था।

कपिल और विनीत दोनों अमीर घर से थे। उनके पास महंगी गाड़ियाँ, ब्रांडेड कपड़े और हर वो चीज थी जो दक्ष सिर्फ सपनों में देख सकता था।

दक्ष गरीब परिवार से था।
घर की हालत कमजोर थी।
और उसके अंदर धीरे-धीरे लालच जन्म लेने लगा।

जल्दी अमीर बनने की खतरनाक चाह

दक्ष हर समय सोचता रहता —
“मुझे जल्दी पैसा चाहिए… बहुत सारा पैसा…”

वो इंटरनेट, लोगों और अजीब-अजीब जगहों पर जल्दी अमीर बनने के तरीके ढूंढने लगा।

एक दिन उसे एक पुरानी रहस्यमयी किताब मिली।
किताब में लिखा था —
अगर कोई सही तरीके से साधना करे, तो वह कर्ण पिशाचनी को अपने वश में कर सकता है।

और वही उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती बन गई।

कर्ण पिशाचनी की साधना

दक्ष ने खुद को दुनिया से अलग कर लिया।
उसने अंधेरे कमरे में साधना शुरू की।

दिनों तक खाना कम…
नींद कम…
डरावने सपने…
अजीब आवाजें…

कई बार उसे लगा कोई उसे देख रहा है।
कई बार उसे लगा कोई उसके कान में फुसफुसा रहा है।

लेकिन लालच डर से बड़ा था।

आखिरकार…
एक रात…
उसके सामने एक औरत की परछाई दिखाई दी।

प्रेमिका बनकर आई मौत

वह बेहद सुंदर थी।
लेकिन उसकी आँखों में अजीब डर था।

उसने कहा —
“मैं तुम्हारी हर इच्छा पूरी कर सकती हूँ…
लेकिन बदले में तुम मुझे कभी नहीं छोड़ोगे।”

दक्ष ने बिना सोचे वचन दे दिया।

अचानक बदल गई जिंदगी

उसके बाद सब बदल गया।

दक्ष जुआ खेलने लगा…
सट्टा लगाने लगा…
और हर बार जीतने लगा।

कुछ महीनों में —

  • बड़ा घर
  • महंगी गाड़ी
  • ढेर सारा पैसा

सब मिल गया।

दोस्तों को हुआ शक

कपिल और विनीत को कुछ गड़बड़ लगा।
उन्होंने दक्ष का पीछा करना शुरू किया।

एक रात उन्होंने देखा —
एक खूबसूरत लड़की जंगल में दक्ष से मिलने आई।

लेकिन अगले ही पल…
वह लड़की गायब हो गई।

दोनों डर गए… लेकिन लालच जीत गया।

तांत्रिक की एंट्री

दोनों एक शमशान वाले तांत्रिक के पास पहुंचे।
तांत्रिक ने कहा —
“यह खेल जानलेवा है…
लेकिन मैं कोशिश कर सकता हूँ।”

उन्होंने पैसे दे दिए।

मौत का शमशान खेल

अगली रात —
दक्ष को नशे में शमशान ले जाया गया।

तांत्रिक ने मंत्र पढ़े।
राख फेंकी।
सुरक्षा घेरा बनाया।

तभी हवा ठंडी हो गई…
पेड़ हिलने लगे…
जानवरों जैसी आवाजें आने लगीं…

कर्ण पिशाचनी का असली रूप

वह सामने आई।
इस बार वह सुंदर नहीं…
भयानक थी।

लंबे बाल
खूनी आँखें
नुकीले दाँत
लंबे नाखून

उसने कहा —
“मैं दक्ष को बचाने आई हूँ…
लेकिन पहले तुम सब मरोगे।”

लालच की सजा

कुछ ही सेकंड में —
उसने कपिल की गर्दन चीर दी।

फिर विनीत को पकड़ लिया।
उसकी चीखें पूरे शमशान में गूंज उठीं।

तांत्रिक डरकर भाग गया।

बच गया दक्ष… लेकिन किस कीमत पर?

दक्ष बच गया।
लेकिन उसने अपने दोस्तों को मरते देखा।

कर्ण पिशाचनी उसे लेकर चली गई।

और तांत्रिक?
वह पागल हो गया।

कहानी की सीख

  • लालच इंसान को अंधा बना देता है।
  • हर शॉर्टकट का अंत अच्छा नहीं होता।
  • कुछ ताकतें ऐसी होती हैं जिन्हें छेड़ना नहीं चाहिए।

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