किस्सा गधे, बैल और उनके मालिक का – अलिफ़ लैला (Kissa Gadhe Bail Aur Unke Malik Ka)

किस्सा गधे, बैल और उनके मालिक का – अलिफ़ लैला (Kissa Gadhe Bail Aur Unke Malik Ka)

बहुत समय पहले एक बहुत बड़ा और अमीर व्यापारी था। उसके कई गाँवों में घर, खेत और कारखाने थे। उसके पास बहुत सारे पशु भी थे जिनसे खेती और सामान ढोने का काम लिया जाता था।

एक दिन वह अपने परिवार के साथ गाँव गया ताकि अपने कारखानों और पशुओं को देख सके। वह अपनी पशुशाला में गया जहाँ एक बैल और एक गधा बंधे हुए थे।

उस व्यापारी में एक खास बात थी — वह जानवरों की भाषा समझ सकता था। वह चुपचाप खड़ा होकर बैल और गधे की बातें सुनने लगा।

बैल का दुख

बैल ने गधे से कहा —
“भाई, तू बहुत खुशकिस्मत है। तुझे अच्छा खाना मिलता है, साफ पानी मिलता है और आराम भी मिलता है। तुझे कभी-कभी ही काम करना पड़ता है।

लेकिन मेरी हालत बहुत खराब है। सुबह से शाम तक खेत में हल जोतता हूँ। हलवाहा मुझ पर चाबुक मारता रहता है। मेरे कंधे छिल गए हैं। इतना काम करने के बाद भी मुझे सूखा भूसा मिलता है।”

गधे की सलाह

गधे ने कहा —
“तू अगर ऐसे ही मेहनत करता रहेगा तो लोग तुझ पर तरस नहीं खाएँगे। अगर आराम चाहिए तो एक तरीका है।

आज रात खाना मत खा और बीमार बनने का नाटक कर। फिर लोग तुझे काम पर नहीं ले जाएँगे।”

बैल को यह बात बहुत अच्छी लगी।

योजना सफल हुई… लेकिन

अगले दिन बैल बीमार बनने का नाटक करने लगा। हलवाहा उसे खेत नहीं ले गया।

लेकिन व्यापारी सब समझ गया। उसने हलवाहे से कहा —
“आज बैल की जगह गधे को हल में जोत दो।”

गधे को खेत में काम करने की आदत नहीं थी। पूरा दिन वह बहुत थक गया और उसे बहुत मार भी पड़ी। शाम तक उसकी हालत खराब हो गई।

गधे को अपनी गलती का एहसास

उधर बैल पूरे दिन आराम करता रहा। उसने सारा चारा खा लिया।

जब गधा वापस आया तो बैल ने खुशी से कहा —
“भाई, तेरी वजह से मुझे आराम मिला।”

लेकिन गधा बहुत दुखी था। उसे समझ आ गया कि उसने खुद अपने लिए मुसीबत बुला ली।

गधे ने बैल की जान बचाई

रात को गधे ने बैल से कहा —
“मैंने सुना है मालिक कसाई को बुलाने वाला है। अगर तू बीमार बना रहा तो तुझे मार देंगे।

सुबह होते ही खाना खा लेना और स्वस्थ दिखना।”

अगले दिन बैल ने ऐसा ही किया और उसकी जान बच गई।

व्यापारी और उसकी पत्नी की कहानी

व्यापारी की पत्नी ने देखा कि वह बिना वजह हँस रहा है। उसने कारण पूछा। व्यापारी ने सच नहीं बताया क्योंकि अगर वह जानवरों की भाषा का राज बताता तो उसकी मौत हो जाती।

लेकिन उसकी पत्नी जिद करने लगी कि वह भी यह विद्या सीखना चाहती है।

व्यापारी ने बहुत समझाया लेकिन वह नहीं मानी।

व्यापारी को समाधान मिला

एक दिन व्यापारी ने अपने कुत्ते और मुर्गे को बात करते सुना।

मुर्गे ने कहा —
“अगर मालिक अपनी पत्नी को सख्ती से समझाए तो वह जिद छोड़ देगी।”

इसके बाद व्यापारी ने पत्नी को सख्ती से समझाया और उसने अपनी जिद छोड़ दी।

यह कहानी क्यों सुनाई गई

मंत्री ने यह कहानी अपनी बेटी शहरजाद को समझाने के लिए सुनाई थी। वह चाहता था कि शहरजाद अपनी जिद छोड़ दे।

लेकिन शहरजाद नहीं मानी। वह बादशाह से शादी करके लोगों की जान बचाना चाहती थी।

आखिर मंत्री को उसकी बात माननी पड़ी और शहरजाद का विवाह बादशाह से हो गया।

यहीं से शुरू होती है मशहूर अलिफ़ लैला की कहानी, जहाँ शहरजाद हर रात कहानी सुनाकर अपनी जान बचाती है।

कहानी से सीख

  • बिना सोचे सलाह देना गलत हो सकता है
  • दूसरों की स्थिति देखकर ईर्ष्या नहीं करनी चाहिए
  • समझदारी और समय पर फैसला जीवन बचा सकता है
  • जिद हमेशा सही नहीं होती

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