Namaz Me Padhne Wali Surah | नमाज़ में पढ़ने वाली सूरह हिंदी में

Namaz Me Padhne Wali Surah | नमाज़ में पढ़ने वाली सूरह हिंदी में

नमाज़ इस्लाम की सबसे अहम इबादतों में से एक है। नमाज़ के दौरान क़ुरआन की आयतें और सूरह पढ़ी जाती हैं। वैसे तो क़ुरआन की कोई भी सूरह नमाज़ में पढ़ी जा सकती है, लेकिन कुछ छोटी और आसान सूरह ऐसी हैं जिन्हें ज़्यादातर लोग नमाज़ में पढ़ते हैं।

इस लेख में हम आपको नमाज़ में पढ़ने वाली मशहूर और आसान सूरह हिंदी, अरबी और तर्जुमा के साथ बता रहे हैं, ताकि हर कोई आसानी से सीख सके और सही तरीके से पढ़ सके।

Namaz ki Surah in Hindi | नमाज़ की सूरह

यूँ तो क़ुरआन की हर सूरह नमाज़ में पढ़ी जा सकती है, लेकिन हम यहाँ सिर्फ कुछ ही सूरह का ज़िक्र कर रहे है जो बोहोत ही आसान है और अक्सर इन्हे नमाज़ में पढ़ा जाता है।

बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम

Surah Al-Fatiha [01]

अरबी:

بِسْمِ اللَّـهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيم
الْحَمْدُ لِلَّـهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ
الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ
مَالِكِ يَوْمِ الدِّينِ
إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ
اهْدِنَا الصِّرَاطَ الْمُسْتَقِيمَ
صِرَاطَ الَّذِينَ أَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ غَيْرِ الْمَغْضُوبِ عَلَيْهِمْ وَلَا الضَّالِّينَ

हिंदी उच्चारण:
बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम, अल्हम्दु लिल्लाहि रब्बिल आलमीन, अर्रहमानिर्रहीम, मालिकि यौमिद्दीन, इय्याक नअबुदु व इय्याक नस्तईन, इहदिनस्सिरातल मुस्तकीम, सिरातल्लज़ीन अनअम्त अलैहिम, ग़ैरिल मग़दूबि अलैहिम व लद्दाल्लीन।

तर्जुमा:
सब तारीफ़ अल्लाह के लिए है जो सारे जहानों का रब है। वह बड़ा मेहरबान और रहम वाला है। बदले के दिन का मालिक है। हम तेरी ही इबादत करते हैं और तुझ ही से मदद मांगते हैं। हमें सीधा रास्ता दिखा — उन लोगों का रास्ता जिन पर तूने इनाम किया, न कि उनका जिन पर ग़ज़ब हुआ और न भटके हुए लोगों का।

Surah Al-Falaq [113]

अरबी:

قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ
مِن شَرِّ مَا خَلَقَ
وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ
وَمِن شَرِّ النَّفَّاثَاتِ فِي الْعُقَدِ
وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ

हिंदी उच्चारण:
कुल अऊज़ु बिरब्बिल फलक, मिन शर्रि मा खलक, व मिन शर्रि ग़ासिकिन इज़ा वक़ब, व मिन शर्रिन नफ़्फासाति फिल उक़द, व मिन शर्रि हासिदिन इज़ा हसद।

तर्जुमा:
कहो, मैं सुबह के रब की पनाह मांगता हूँ हर उस चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की, और रात के अंधेरे की बुराई से, और गाँठों में फूँकने वालों की बुराई से, और हसद करने वाले की बुराई से।

Surah An-Naas [114]

अरबी:

قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِ
مَلِكِ النَّاسِ
إِلَـٰهِ النَّاسِ
مِن شَرِّ الْوَسْوَاسِ الْخَنَّاسِ
الَّذِي يُوَسْوِسُ فِي صُدُورِ النَّاسِ
مِنَ الْجِنَّةِ وَالنَّاسِ

हिंदी उच्चारण:
कुल अऊज़ु बिरब्बिन्नास, मलिकिन्नास, इलाहिन्नास, मिन शर्रिल वसवासिल खन्नास, अल्लज़ी युवस्विसु फी सुदूरिन्नास, मिनल जिन्नति वन्नास।

तर्जुमा:
कहो, मैं लोगों के रब, लोगों के बादशाह और लोगों के माबूद की पनाह मांगता हूँ, उस वसवसा डालने वाले की बुराई से जो लोगों के दिलों में फुसफुसाता है — चाहे वह जिन्न में से हो या इंसानों में से।

Surah Al-Ikhlas [112]

अरबी:

قُلْ هُوَ اللَّـهُ أَحَدٌ
اللَّـهُ الصَّمَدُ
لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُولَدْ
وَلَمْ يَكُن لَّهُ كُفُوًا أَحَدٌ

हिंदी उच्चारण:
कुल हुअल्लाहु अहद, अल्लाहुस समद, लम यलिद व लम यूलद, व लम यकुल्लहु कुफुवन अहद।

तर्जुमा:
कहो, अल्लाह एक है। अल्लाह बेनियाज़ है। न वह किसी का बाप है और न बेटा, और न कोई उसका बराबर है।

Surah Al-Kafiroon [109]

अरबी:

قُلْ يَا أَيُّهَا الْكَافِرُونَ
لَا أَعْبُدُ مَا تَعْبُدُونَ
وَلَا أَنتُمْ عَابِدُونَ مَا أَعْبُدُ
وَلَا أَنَا عَابِدٌ مَّا عَبَدتُّمْ
وَلَا أَنتُمْ عَابِدُونَ مَا أَعْبُدُ
لَكُمْ دِينُكُمْ وَلِيَ دِينِ

हिंदी उच्चारण:
कुल या अय्युहल काफिरून, ला आ’बुदु मा ता’बुदून, व ला अन्तुम आबिदूना मा आ’बुद, व ला अना आबिदुम मा अबद्तुम, व ला अन्तुम आबिदूना मा आ’बुद, लकुम दीनुकुम वलिय दीन।

तर्जुमा:
कहो, ऐ काफिरों! मैं उनकी इबादत नहीं करता जिनकी तुम इबादत करते हो, और न तुम उसकी इबादत करते हो जिसकी मैं करता हूँ। तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन और मेरे लिए मेरा दीन।

Surah Al-Qadr [97]

अरबी:

إِنَّا أَنزَلْنَاهُ فِي لَيْلَةِ الْقَدْرِ
وَمَا أَدْرَاكَ مَا لَيْلَةُ الْقَدْرِ
لَيْلَةُ الْقَدْرِ خَيْرٌ مِّنْ أَلْفِ شَهْرٍ
تَنَزَّلُ الْمَلَائِكَةُ وَالرُّوحُ فِيهَا بِإِذْنِ رَبِّهِم مِّن كُلِّ أَمْرٍ
سَلَامٌ هِيَ حَتَّىٰ مَطْلَعِ الْفَجْرِ

हिंदी उच्चारण:
इन्ना अंजल्नाहु फी लैlatil कद्र, व मा अदराका मा लैlatul कद्र, लैlatul कद्रि खैरुम मिन अल्फि शहर, तनज्ज़लुल मलाइकतु वर्रूहु फीहा बि इज़्नि रब्बिहिम मिन कुल्लि अम्र, सलामुन हिया हत्ता मतलअिल फज्र।

तर्जुमा:
हमने कुरआन को शबे क़द्र में उतारा। और आपको क्या मालूम कि शबे क़द्र क्या है? शबे क़द्र हज़ार महीनों से बेहतर है। इस रात फरिश्ते और रूह अपने रब के हुक्म से उतरते हैं। यह रात पूरी तरह सलामती वाली है, सुबह होने तक।

निष्कर्ष

उम्मीद है कि यह नमाज़ में पढ़ने वाली सूरह हिंदी में गाइड आपके लिए मददगार साबित होगी। अगर आप नमाज़ सीख रहे हैं या बच्चों को सिखा रहे हैं, तो इन छोटी और आसान सूरह से शुरुआत करना सबसे बेहतर तरीका है।

याद रखें: सही तजवीद और उच्चारण के साथ पढ़ना सबसे अफ़ज़ल है।

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