हिंदी नाटक और नाटककार

हिंदी नाटक और नाटककार

Hindi Natak भारतीय साहित्य की वह विधा है जिसमें समाज, राजनीति, प्रेम, संघर्ष और मानवीय भावनाओं को मंच के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है।

संस्कृत कालिदास से लेकर आधुनिक लेखक मोहन राकेश, धर्मवीर भारती और हबीब तनवीर तक, हिंदी नाटक ने भारतीय रंगमंच को नई पहचान दी है।

यह पेज आपको भारत के महान नाटककारों और उनके प्रसिद्ध नाटकों की एक ही जगह पूरी सूची देता है।

भारतेंदु हरिश्चंद्र – हिंदी नाटक के जनक

भारतेंदु हरिश्चंद्र को आधुनिक हिंदी नाटक का पिता माना जाता है।

प्रमुख नाटक

  • भारत दुर्दशा
  • अंधेर नगरी चौपट राजा
  • नीलदेवी
  • कर्पूर मंजरी
  • धनंजय-विजय
  • दुर्लभ बन्धु
  • प्रेमजोगिनी
  • सत्य हरिश्चन्द्र
  • श्री रामलीला
  • विद्याावती
  • चन्द्रावली नाटिका

जयशंकर प्रसाद – छायावाद के महान नाटककार

जयशंकर प्रसाद के नाटक ऐतिहासिक और भावनात्मक गहराई से भरपूर हैं।

प्रसिद्ध नाटक

  • अजातशत्रु
  • स्कंदगुप्त
  • चंद्रगुप्त
  • ध्रुवस्वामिनी
  • राज्यश्री
  • विशाख
  • कामना
  • जन्मेजय का नाग-यज्ञ
  • उर्वशी (चम्पू नाटक)

मोहन राकेश – आधुनिक हिंदी नाटक के स्तंभ

  • आषाढ़ का एक दिन
  • आधे अधूरे
  • सिपाही की माँ
  • अंडे के छिलके

डॉ. धर्मवीर भारती

  • अंधा युग
  • नदी प्यासी थी
  • नीली झील

दुष्यन्त कुमार

  • एक कंठ विषपायी (काव्य नाटिका)

मुंशी प्रेमचंद के नाटक

  • संग्राम
  • सृष्टि
  • कर्बला
  • प्रेम की वेदी
  • दुराशा
  • न्याय (अनुवाद)
  • चाँदी की डिबिया
  • हड़ताल

सआदत हसन मंटो

  • टीपू की मौत
  • टेढ़ी लकीर
  • ममता की चोरी
  • अकेली
  • बाबर की मौत
  • बीमार

हबीब तनवीर

  • आगरा बाजार
  • कारतूस
  • चाँदी का चमचा
  • चरनदास चोर

रशीद जहाँ

  • पर्दे के पीछे
  • मर्द और औरत

असग़र वजाहत

  • जिन लाहौर नईं वेख्या
  • गोडसे@गांधी.कॉम
  • ईश्वर-अल्लाह
  • अरितोपोलिस

विष्णु प्रभाकर

  • समरेखा-विषमरेखा
  • साँप और सीढ़ी

डॉ. रामकुमार वर्मा

  • चारुमित्रा
  • छींक
  • परीक्षा
  • 18 जुलाई की शाम
  • रेशमी टाई

कालिदास

  • विक्रमोर्वशीयम्

शेक्सपीयर (हिंदी रूपांतरण)

  • हैमलेट
  • रोमियो और जूलियट
  • मैकबेथ
  • किंग लियर
  • जूलियस सीजर
  • वेनिस का व्यापारी
  • ऑथेलो

हिंदी नाटक क्यों महत्वपूर्ण हैं?

हिंदी नाटक:

  • समाज का आईना होते हैं
  • इतिहास और संस्कृति को जीवित रखते हैं
  • मानवीय संघर्ष और विचारधाराओं को उजागर करते हैं
  • रंगमंच और अभिनय को समृद्ध करते हैं

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