इस्मत चुग़ताई (21 अगस्त 1915 – 24 अक्टूबर 1991) उर्दू साहित्य की सबसे प्रभावशाली, निर्भीक और चर्चित लेखिकाओं में गिनी जाती हैं। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुआ था। उन्हें स्नेह से ‘इस्मत आपा’ भी कहा जाता है। इस्मत चुग़ताई ने अपने लेखन के माध्यम से समाज में स्त्रियों की स्थिति, लैंगिक भेदभाव, दकियानूसी सोच और मध्यवर्गीय पाखंड को बेबाकी से उजागर किया। उनका लेखन अपने समय से बहुत आगे था, इसी कारण वे अक्सर विवादों में भी रहीं।
उन्होंने कहानियाँ, उपन्यास, आत्मकथा के साथ-साथ फिल्मों के लिए पटकथाएँ भी लिखीं। उनकी आत्मकथा ‘काग़ज़ी हैं पैराहन’ उर्दू साहित्य की महत्वपूर्ण कृतियों में मानी जाती है। इस्मत चुग़ताई कुल 13 फिल्मों से जुड़ी रहीं और उनकी आख़िरी फिल्म ‘गर्म हवा’ (1973) को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले।
इस्मत चुग़ताई की कहानियाँ
नीचे इस्मत चुग़ताई की सभी प्रमुख कहानियों की सूची दी गई है, जिन्हें इस मास्टर पेज के अंतर्गत संकलित किया गया है:
- अपना ख़ून
- अमर बेल
- एक शौहर की ख़ातिर
- कुंवारी
- घूँघट
- चिड़ी की दुक्की
- चौथी का जोड़ा
- छुई-मूई
- जड़ें
- जनाज़े
- जवानी
- तो मर जाओ
- दोज़ख़ी
- दो हाथ
- नन्ही की नानी
- नन्ही सी जान
- बदन की ख़ुशबू
- बड़ी शर्म की बात
- बहू बेटियां
- बिच्छू फूपी
- बेड़ियाँ
- भाभी
- भूल-भुलैयाँ
- मुग़ल बच्चा
- ये बच्चे
- लिहाफ़
- वो कौन था?
- सास
- हिन्दुस्तान छोड़ दो
- निवाला
- तन्हा-तन्हा
- तेरा हाथ
इस्मत चुग़ताई की बाल कहानियाँ
बच्चों के लिए लिखी गई उनकी प्रमुख कहानियाँ:
- कामचोर
- मीठे जूते
- सूत का रेशम
इस्मत चुग़ताई के उपन्यास (Hindi Novels)
इस्मत चुग़ताई के प्रमुख उपन्यासों की सूची:
- ज़िद्दी (उपन्यास – भाग 1)
- ज़िद्दी (उपन्यास – भाग 2)
- टेढ़ी लकीर (उपन्यास – भाग 1)
- एक क़तरा ए ख़ून
- दिल की दुनिया
- मासूमा
- बहरूप नगर
- सैदाई
- जंगली कबूतर
- अजीब आदमी
- बांदी
