Tenali Ramakrishna Stories – तेनालीराम की कहानियाँ

Tenali Ramakrishna Stories – तेनालीराम की कहानियाँ

दक्षिण भारत की पुरानी लोककथाओं में एक नाम ऐसा है, जो चाहे जितनी बार सुन लो, कभी पुराना नहीं लगता— तेनाली रामकृष्ण

तेनालीराम की कहानियाँ हममें से कई लोगों ने बचपन में दादी–नानी से सुनी होंगी। उनके किस्सों में मज़ाक भी है, बुद्धि भी है, और जीवन की छोटी-छोटी बातों की बड़ी सीख भी छुपी होती है।

तेनालीराम कौन थे?

तेनालीराम का जन्म आंध्र प्रदेश के गुन्टूर जिले के एक छोटे से गाँव गरलापाडु में हुआ था। परिवार सामान्य था, लेकिन लड़के की अक़्ल तेज़ थी और स्वभाव मज़ेदार। बचपन में धर्म–ग्रंथों से लेकर लोकगीतों तक, जो भी हाथ आया पढ़ डाला।

बड़े होकर वे तेलुगू भाषा के कवि बने, और फिर उनकी हाजिरजवाबी ने उन्हें राजा कृष्णदेवराय के दरबार तक पहुँचा दिया।

राजा को उनकी चतुराई और उनकी मज़ेदार शैली इतनी पसंद आई कि वे दरबार के भरोसेमंद लोगों में शामिल कर लिए गए।
फिर क्या, राज्य की उलझी हुई समस्याएँ हों या किसी दुश्मन की चाल—तेनाली अपनी बुद्धि से ऐसा हल निकालते थे कि सब दंग रह जाते थे।

उनका नाम “विकट कवि” इसलिए पड़ा क्योंकि वे मज़ाक में भी ऐसी बात कह जाते थे कि सामने वाला सोच में पड़ जाए।

Tenali Ramakrishna Stories – तेनाली रामकृष्ण की लोकप्रिय कहानियों की पूरी सूची

यहाँ नीचे वे शीर्षक दिए जा रहे हैं जिन पर आगे एक-एक करके अलग कहानियाँ लिखी जा सकती हैं।

ये शीर्षक पढ़कर ही अंदाज़ा लग जाता है कि हर कहानी में अलग सीख छुपी है।

हिंदी शीर्षक:

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