नीलकेतु और तेनालीराम : बुद्धि से बची राजा की जान
नीलकेतु और तेनालीराम:-एक बार विजयनगर के राजदरबार में एक अनजान यात्री आया। उसका नाम नीलकेतु था। वह बहुत दुबला-पतला और […]
नीलकेतु और तेनालीराम:-एक बार विजयनगर के राजदरबार में एक अनजान यात्री आया। उसका नाम नीलकेतु था। वह बहुत दुबला-पतला और […]
इस्मत चुग़ताई (21 अगस्त 1915 – 24 अक्टूबर 1991) उर्दू साहित्य की सबसे प्रभावशाली, निर्भीक और चर्चित लेखिकाओं में गिनी
मुंशी प्रेमचंद हिन्दी और उर्दू साहित्य का वह नाम हैं, जिनके बिना भारतीय साहित्य की कल्पना अधूरी लगती है। उन्होंने
Alif Laila (Arabian Nights) विश्व साहित्य का एक अमूल्य खजाना है, जिसमें रोमांच, जादू, प्रेम, बुद्धिमत्ता और साहस से भरी
रवीन्द्रनाथ ठाकुर (Rabindranath Tagore), जिन्हें गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर के नाम से जाना जाता है, आधुनिक भारतीय साहित्य के सबसे महान
Harishankar Parsai हिंदी साहित्य के पहले ऐसे लेखक थे जिन्होंने व्यंग्य को साहित्यिक विधा का दर्जा दिलाया। इस पेज पर
Hindi Natak भारतीय साहित्य की वह विधा है जिसमें समाज, राजनीति, प्रेम, संघर्ष और मानवीय भावनाओं को मंच के माध्यम
जयशंकर प्रसाद (30 जनवरी 1889 – 14 जनवरी 1937) हिंदी साहित्य के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से
मुंशी प्रेमचंद हिंदी-उर्दू साहित्य के महान स्तंभ थे। उनकी रचनाएँ भारतीय समाज, ग्रामीण जीवन, नारी पीड़ा, नैतिकता और यथार्थवाद को
महादेवी वर्मा (जन्म: 26 मार्च, 1907, फरुखाबाद – निधन: 11 सितम्बर, 1987, प्रयाग) हिंदी साहित्य की एक प्रमुख स्तंभ हैं।