भगवान श्रीराम की स्तुति हिंदू धर्म में बहुत ही पवित्र और शक्तिशाली मानी जाती है। ram stuti lyrics खासतौर पर पूजा, राम नवमी, विजयदशमी, सुंदरकांड पाठ और अखंड रामायण के दौरान गाई जाती है। इस स्तुति को पढ़ने या सुनने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
इस लेख में हम आपको श्री राम स्तुति के पूरे लिरिक्स (shri ram stuti lyrics) सरल भाषा में देंगे, साथ ही यह भी बताएंगे कि इसे कब और क्यों पढ़ना चाहिए।
श्री राम स्तुति (Shri Ram Stuti Lyrics)
दोहा
श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन
हरण भवभय दारुणं ।
नव कंज लोचन कंज मुख
कर कंज पद कंजारुणं ॥१॥कन्दर्प अगणित अमित छवि
नव नील नीरद सुन्दरं ।
पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचि
नोमि जनक सुतावरं ॥२॥भजु दीनबन्धु दिनेश दानव
दैत्य वंश निकन्दनं ।
रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल
चन्द दशरथ नन्दनं ॥३॥शिर मुकुट कुंडल तिलक
चारु उदारु अङ्ग विभूषणं ।
आजानु भुज शर चाप धर
संग्राम जित खरदूषणं ॥४॥इति वदति तुलसीदास शंकर
शेष मुनि मन रंजनं ।
मम् हृदय कंज निवास कुरु
कामादि खलदल गंजनं ॥५॥मन जाहि राच्यो मिलहि सो
वर सहज सुन्दर सांवरो ।
करुणा निधान सुजान शील
स्नेह जानत रावरो ॥६॥एहि भांति गौरी असीस सुन सिय
सहित हिय हरषित अली।
तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनि
मुदित मन मन्दिर चली ॥७॥
॥सोरठा॥
जानी गौरी अनुकूल सिय
हिय हरषु न जाइ कहि ।
मंजुल मंगल मूल वाम
अंग फरकन लगे ॥
श्री राम स्तुति का महत्व
- यह स्तुति भगवान श्रीराम की कृपा पाने के लिए पढ़ी जाती है
- मन को शांति और स्थिरता मिलती है
- डर, चिंता और नकारात्मक सोच दूर होती है
- घर में सुख-समृद्धि आती है
श्री राम स्तुति कब पढ़ें?
आप shree ram stuti इन खास मौकों पर पढ़ सकते हैं:
- राम नवमी
- विजयदशमी (दशहरा)
- सुंदरकांड पाठ
- अखंड रामायण
- रोज सुबह या शाम पूजा के समय
निष्कर्ष
ram stuti lyrics केवल एक भजन नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी प्रार्थना है जो हमारे मन को भगवान श्रीराम से जोड़ती है। इसे रोज पढ़ने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं और मन को सुकून मिलता है।
