दिन भर की भागदौड़ के बाद जब हम आराम करने जाते हैं, तो सोने से पहले अल्लाह को याद करना बहुत बड़ी नेमत है। सोने की दुआ हिंदी में पढ़ने से दिल को सुकून मिलता है और रात अल्लाह की हिफाज़त में गुजरती है। इसी तरह सुबह उठते समय भी दुआ पढ़ना सुन्नत है। यहाँ आप sone ki dua in hindi और जागने की दुआ आसान शब्दों में पढ़ सकते हैं।
सोने की दुआ
अरबी:
اللَّهُمَّ بِاسْمِكَ أَمُوتُ وَأَحْيَا
Transliteration:
अल्लाहुम्मा बिस्मिका अमुतु वा अहया
तर्जुमा (अर्थ):
ऐ अल्लाह! मैं तेरे नाम से मरता (सोता) और ज़िंदा होता (जागता) हूँ।
यह छोटी सी दुआ हमें याद दिलाती है कि हमारी जिंदगी और मौत सब कुछ अल्लाह के हाथ में है।
जागने की दुआ
अरबी:
الْحَمْدُ للهِ الَّذِي أَحْيَانَا بَعْدَ مَا أَمَاتَنَا وَإِلَيْهِ النُّشُورُ
Transliteration:
अल-हम्दु लिल्लाहि अल-लज़ी अहयाना बादमा अमाताना, वा इलैहिन-नुशूर
तर्जुमा (अर्थ):
तमाम तारीफ अल्लाह के लिए है जिसने हमें मरने (सोने) के बाद ज़िंदा किया और उसी की तरफ लौट कर जाना है।
सुबह उठकर यह दुआ पढ़ने से दिन की शुरुआत शुक्र (कृतज्ञता) से होती है।
सोने से पहले पढ़ने की सुन्नत सूरह
सूरह सज्दह और सूरह मुल्क:
रसूलुल्लाह ﷺ रोज़ सोने से पहले इन सूरहों को पढ़ते थे। खासकर सूरह मुल्क की फज़ीलत है कि यह पढ़ने वाले की सिफारिश करेगी और कब्र के अज़ाब से बचाने का ज़रिया बनेगी।
सूरह काफ़िरून:
यह सूरह पढ़ने से शिर्क से बरात मिलती है।
सूरह इख़्लास, फलक और नास:
रसूलुल्लाह ﷺ इन तीनों सूरहों को पढ़कर हथेलियों में फूँक मारते और पूरे जिस्म पर फेरते थे। यह अमल तीन बार करते थे, जिससे हिफाज़त मिलती है।
मस्नून आयतें (सुन्नत)
आयतुल कुर्सी:
सोने से पहले पढ़ने से अल्लाह की हिफाज़त रहती है और शैतान करीब नहीं आता।
सूरह बकरा की आखरी 2 आयतें (आमनर्रसूल…):
ये आयतें हर बला और परेशानी से महफूज़ रखने के लिए काफी होती हैं।
तस्बीह फातिमा (हर रात सोने से पहले)
- सुब्हानल्लाह – 33 बार
- अल्हम्दुलिल्लाह – 33 बार
- अल्लाहु अकबर – 34 बार
रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया कि यह तस्बीह एक खादिमा (नौकर) से भी बेहतर है। इसे पढ़ने से थकान दूर होती है और दिल को सुकून मिलता है।
निष्कर्ष
Sone ki dua और जागने की दुआ पढ़ना हर मुसलमान के लिए आसान लेकिन बहुत फायदेमंद अमल है। अगर हम रोज़ raat ko sone ki dua और सुबह की दुआ पढ़ने की आदत बना लें, तो हमारी जिंदगी अल्लाह की रहमत और हिफाज़त में गुजरेगी।
