বাস্তব মানসিকতা
— দিনকাল কী পড়ল বলুন তো মশাই! কোথাও তো আর টেকা যাচ্ছে না! — কেন বলছেন মশাই? কী হয়েছে? —
— দিনকাল কী পড়ল বলুন তো মশাই! কোথাও তো আর টেকা যাচ্ছে না! — কেন বলছেন মশাই? কী হয়েছে? —
उत्तर प्रदेश के एक शांत से गाँव में सूरज सिंह नाम का एक आदमी रहता था।सूरज पहले पहलवानी करता था।
कहते हैं भगवान हर रिश्ते को खून से नहीं जोड़ते।कुछ रिश्ते दिल से बनते हैं… और वो रिश्ते होते हैं
रात का गहरा सन्नाटा था। आसमान में चाँद बादलों के पीछे छिपता-उभरता जा रहा था। दूर-दूर तक फैले खेत और
राजस्थान के एक छोटे से जिले में एक मशहूर कॉलेज था। उसी कॉलेज में तीन दोस्त पढ़ते थे — कपिल,