मनहूस कौन? : तेनालीराम की कहानीमनहूस कौनमनहूस कौन? : तेनालीराम की कहानी
एक समय की बात है। Krishnadevaraya के दरबार में एक अजीब खबर पहुँची। लोगों का कहना था कि चेलाराम नाम […]
एक समय की बात है। Krishnadevaraya के दरबार में एक अजीब खबर पहुँची। लोगों का कहना था कि चेलाराम नाम […]
मौत की सज़ा:-बीजापुर के सुल्तान इस्माइल आदिलशाह के मन में एक बड़ा डर बस गया था। उसे लग रहा था
बेशकीमती फूलदान:-विजयनगर का वार्षिक उत्सव बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता था। इस अवसर पर आसपास के राज्यों के राजा
राजा कृष्णदेवराय के दरबार में तेनालीराम अपनी बुद्धि और चतुराई के लिए बहुत प्रसिद्ध थे। लेकिन दरबार में कुछ लोग
महामूर्ख:-विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय होली का उत्सव हमेशा बड़े ही धूमधाम और उल्लास के साथ मनाते थे। यह पर्व
बाबापुर की रामलीला:-विजयनगर में हर साल दशहरे से पहले रामलीला का आयोजन बड़ी धूमधाम से होता था। काशी की प्रसिद्ध
तेनालीराम राजा कृष्णदेव राय के अत्यंत प्रिय और बुद्धिमान मंत्री थे। उनकी समझदारी और राजा के निकट होने के कारण
जादूगर का घमंड:-एक बार विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय के दरबार में एक प्रसिद्ध जादूगर आया। वह अपने साथ तरह-तरह
अंगूठी चोर:-विजयनगर के महाराजा कृष्णदेव राय अपने ठाठ-बाट और शान के लिए पूरे देश में जाने जाते थे। उनके पास
लाल मोर:-विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय को अद्भुत और अनोखी चीजें संग्रह करने का बड़ा शौक था।उनकी यह आदत इतनी