अंगूठी चोर : तेनालीराम की चतुराई भरी कहानी
अंगूठी चोर:-विजयनगर के महाराजा कृष्णदेव राय अपने ठाठ-बाट और शान के लिए पूरे देश में जाने जाते थे। उनके पास
अंगूठी चोर:-विजयनगर के महाराजा कृष्णदेव राय अपने ठाठ-बाट और शान के लिए पूरे देश में जाने जाते थे। उनके पास
बहुत समय पहले नारायणगढ़ नाम का एक छोटा सा लेकिन बहुत सुंदर गाँव था। चारों तरफ हरे-भरे पेड़, साफ रास्ते
बहुत समय पहले की बात है। समुद्र के किनारे एक सुंदर सा जंगल था। उसी जगह एक मोर और उसकी
बहुत समय पहले एक गाँव में एक समझदार शेख रहता था। गाँव में लोग उसकी बहुत इज्जत करते थे। वह
उत्तर प्रदेश के एक शांत से गाँव में सूरज सिंह नाम का एक आदमी रहता था।सूरज पहले पहलवानी करता था।
कहते हैं भगवान हर रिश्ते को खून से नहीं जोड़ते।कुछ रिश्ते दिल से बनते हैं… और वो रिश्ते होते हैं
रात का गहरा सन्नाटा था। आसमान में चाँद बादलों के पीछे छिपता-उभरता जा रहा था। दूर-दूर तक फैले खेत और
राजस्थान के एक छोटे से जिले में एक मशहूर कॉलेज था। उसी कॉलेज में तीन दोस्त पढ़ते थे — कपिल,
आयतुल कुर्सी इस्लाम की सबसे महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध आयतों में से एक है, जो कुरआन से ली गई है। यह
एक घने जंगल में बहुत सारी चिड़ियाँ रहती थीं। उन्हीं में एक छोटा सा चिड़ा था। वह बहुत मेहनती और