अग्नि-समाधि (कहानी) : मुंशी प्रेमचंद | Agni-Samadhi (Hindi Story) : Munshi Premchand
साधु-संतों का सत्संग अक्सर लोगों का जीवन सुधार देता है, लेकिन पयाग के साथ उल्टा ही हुआ। वह मेहनती और […]
साधु-संतों का सत्संग अक्सर लोगों का जीवन सुधार देता है, लेकिन पयाग के साथ उल्टा ही हुआ। वह मेहनती और […]
सिख इतिहास में गुरु और शिष्य के संबंध को अत्यंत पवित्र माना गया है। यह संबंध केवल शिक्षा तक सीमित
आज के समय में जब लोग छोटी-छोटी बातों में भी फायदा देखने लगते हैं, ऐसे में अगर कोई बिना लालच
जादूगर का घमंड:-एक बार विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय के दरबार में एक प्रसिद्ध जादूगर आया। वह अपने साथ तरह-तरह
अंगूठी चोर:-विजयनगर के महाराजा कृष्णदेव राय अपने ठाठ-बाट और शान के लिए पूरे देश में जाने जाते थे। उनके पास
बहुत समय पहले एक घने और सुंदर जंगल में सभी जानवर शांति से रहते थे। वहाँ हिरण, खरगोश, बंदर, हाथी,
सुन्दरवन नाम का एक घना और सुंदर जंगल था। उस जंगल में सभी जानवर मिलजुल कर रहते थे। वहाँ का
बहुत समय पहले रामगढ़ नाम के एक छोटे से गांव में नीलेश नाम का एक गरीब किसान रहता था। उसका
मुंशी प्रेमचंद हिंदी साहित्य के सबसे बड़े लेखकों में से एक थे। उन्होंने अपने समय की वास्तविकताओं और समाज की
लाल मोर:-विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय को अद्भुत और अनोखी चीजें संग्रह करने का बड़ा शौक था।उनकी यह आदत इतनी