अंगूठी चोर : तेनालीराम की चतुराई भरी कहानी
अंगूठी चोर:-विजयनगर के महाराजा कृष्णदेव राय अपने ठाठ-बाट और शान के लिए पूरे देश में जाने जाते थे। उनके पास
अंगूठी चोर:-विजयनगर के महाराजा कृष्णदेव राय अपने ठाठ-बाट और शान के लिए पूरे देश में जाने जाते थे। उनके पास
बहुत समय पहले एक घने और सुंदर जंगल में सभी जानवर शांति से रहते थे। वहाँ हिरण, खरगोश, बंदर, हाथी,
सुन्दरवन नाम का एक घना और सुंदर जंगल था। उस जंगल में सभी जानवर मिलजुल कर रहते थे। वहाँ का
बहुत समय पहले रामगढ़ नाम के एक छोटे से गांव में नीलेश नाम का एक गरीब किसान रहता था। उसका
मुंशी प्रेमचंद हिंदी साहित्य के सबसे बड़े लेखकों में से एक थे। उन्होंने अपने समय की वास्तविकताओं और समाज की
लाल मोर:-विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय को अद्भुत और अनोखी चीजें संग्रह करने का बड़ा शौक था।उनकी यह आदत इतनी
पड़ोसी राजा:-विजयनगर राज्य उस समय भारत के सबसे समृद्ध और शक्तिशाली राज्यों में गिना जाता था। राजा कृष्णदेव राय अपने
अन्तिम इच्छा:-विजयनगर के दरबार में कई ब्राह्मण ऐसे थे जो लालच और स्वार्थ के लिए जाने जाते थे। वे हमेशा
ब्राह्मण किसकी पूजा करे:-एक दिन विजयनगर के राजदरबार में असाधारण शांति थी। न तो किसी प्रजा की शिकायत आई थी
बहुत समय पहले की बात है। एक घना-सा जंगल था, जहाँ तरह-तरह के जानवर रहते थे। उसी जंगल में एक